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गौरव राजपूत - Author on ShareChat
गौरव राजपूत
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#लक्ष्मण #जय श्री राम #बजरंगबली #हनुमान

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  • Sanatan Gyan & Tales - Author on ShareChat
    Sanatan Gyan & Tales
    #jai shri ram #ramayan #laxman
    jai shri ram, ramayan
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  • neena - Author on ShareChat
    neena
    #laxman #urmila
    laxman, urmila
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  • JEKH - Author on ShareChat
    JEKH11
    रामायण का एक रोचक प्रसंग "संजीवनी बूटी" #ram #हनुमान #लक्ष्मण #रावण
    रमायण का जय श्री राम एक राचक प्रसंग संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग दौरान लक्ष्मण जी मेघनाद लंका युद्ध के के शक्तिबाण से मूर्छित होकर गिरे पडे़ थे। तब वैद्य सुश्रेष ने बताया कि उन्हें बचाने के लिए हिमालय से संजीवनी बूटी ' लानी होगी, जो केवल रात से पहले लानी आवश्यक है। हनुमान जी तुरंत हिमालय की ओर उड़़ चले। वहाँ पहुँचकर वे उस बूटी को पहचान नहीं पाए, क्योंकि वहाँ कई चमकती दमकती जड़ी-बूटियाँ एक जैसी दिख रही थीं। जी ने पूरा बहुत कम था। तब हनुमान সময पर्वत ही उखाड़ लिया और लंका ले आए। सुश्रेष ने उस पर्वत से संजीवनी बूटी लेकर और वे पुनः 7 लक्ष्मण जी को दिया स्वस्थ हो गए। यह प्रसंग हनुमान जी की बुद्धिमत्ता , साहस, समर्पण और प्रभु भक्ति का अद्धुत उदाहरण है। हनुमान जी का आदर्श इस प्रसंग से सीख ४न राम कार्य कठिन जग माहीं , जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं ।  सच्ची भक्ति में असंभव भी संभव हो जाता है। समय पर निर्णय और साहस बड़ा परिणाम देता है। हनुमान जी का हर कार्य समर्पण और सेवा भाव से भगवान प्रसन्न होते हैं। केवल प्रभु श्रीराम के लिए था, समस्या कितनी भी बड़ी हो, समाधान ढूँढने इसलिए वे अजेय और अमर हैं | वाला ही सच्चा वीर होता है। ऐसी ही अच्छी और प्रेरणादायक जानकारी के लिए मुझे FOLLOW करें रामायण हमारी संस्कृति जय श्री राम जय बजरंगबली राम नाम काम सुखदायी ; रमायण का जय श्री राम एक राचक प्रसंग संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग दौरान लक्ष्मण जी मेघनाद लंका युद्ध के के शक्तिबाण से मूर्छित होकर गिरे पडे़ थे। तब वैद्य सुश्रेष ने बताया कि उन्हें बचाने के लिए हिमालय से संजीवनी बूटी ' लानी होगी, जो केवल रात से पहले लानी आवश्यक है। हनुमान जी तुरंत हिमालय की ओर उड़़ चले। वहाँ पहुँचकर वे उस बूटी को पहचान नहीं पाए, क्योंकि वहाँ कई चमकती दमकती जड़ी-बूटियाँ एक जैसी दिख रही थीं। जी ने पूरा बहुत कम था। तब हनुमान সময पर्वत ही उखाड़ लिया और लंका ले आए। सुश्रेष ने उस पर्वत से संजीवनी बूटी लेकर और वे पुनः 7 लक्ष्मण जी को दिया स्वस्थ हो गए। यह प्रसंग हनुमान जी की बुद्धिमत्ता , साहस, समर्पण और प्रभु भक्ति का अद्धुत उदाहरण है। हनुमान जी का आदर्श इस प्रसंग से सीख ४न राम कार्य कठिन जग माहीं , जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं ।  सच्ची भक्ति में असंभव भी संभव हो जाता है। समय पर निर्णय और साहस बड़ा परिणाम देता है। हनुमान जी का हर कार्य समर्पण और सेवा भाव से भगवान प्रसन्न होते हैं। केवल प्रभु श्रीराम के लिए था, समस्या कितनी भी बड़ी हो, समाधान ढूँढने इसलिए वे अजेय और अमर हैं | वाला ही सच्चा वीर होता है। ऐसी ही अच्छी और प्रेरणादायक जानकारी के लिए मुझे FOLLOW करें रामायण हमारी संस्कृति जय श्री राम जय बजरंगबली राम नाम काम सुखदायी ;
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  • amma Nani ka deewana - Author on ShareChat
    amma Nani ka deewana
    लक्ष्मण पहाड़ी, चित्रकूट 🙏🏻🙏🏻 #🙏शुभ मंगलवार🌸 #लक्ष्मण #🙏🏻सीता राम #🙏 श्री राम #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
    लक्ष्मण पहाड़ी, चित्रकूट, शुभ मंगलवार
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