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#✒️ કવિની કલમ
✒️ કવિની કલમ - अपने प्यार ही अपनी तबाही का मंजर होता है ये जवानी का जोश भी अजीब होता है दिल लगा बैठे तो फिर हौसला क्या रहता है आशिकी में हर कोई बस बेअसर होता है पलकों को आपस में मिलने का हक नहीं खुली  रात भर जिस की ख्वाहिश हो वही दिल का सफर होता है हँसते हँसते जिंदगी रुला देती है कभी कभी इश्क का दस्तूर ही थोड़ी सफर होता है ব্ধী নী মুননা ` कोई समझाए जो दिल নক্ী प्यार में हर शख्स बस थोड़ा बेफिक्र होता है अंत में बस इतना समझ आता है "विजय " जिसे चाहो वही दिल का हमसफर होता है प्रकाश पंडित अपने प्यार ही अपनी तबाही का मंजर होता है ये जवानी का जोश भी अजीब होता है दिल लगा बैठे तो फिर हौसला क्या रहता है आशिकी में हर कोई बस बेअसर होता है पलकों को आपस में मिलने का हक नहीं खुली  रात भर जिस की ख्वाहिश हो वही दिल का सफर होता है हँसते हँसते जिंदगी रुला देती है कभी कभी इश्क का दस्तूर ही थोड़ी सफर होता है ব্ধী নী মুননা ` कोई समझाए जो दिल নক্ী प्यार में हर शख्स बस थोड़ा बेफिक्र होता है अंत में बस इतना समझ आता है "विजय " जिसे चाहो वही दिल का हमसफर होता है प्रकाश पंडित - ShareChat