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#वैशाख मास शुक्ल पक्ष मोहिनी एकादशी व्रत #श्री हरि विष्णु भगवान- मोहिनी एकादशी व्रत #मोहिनी एकादशी व्रत 🙏 #शुभ मोहिनी एकादशी व्रत
वैशाख मास शुक्ल पक्ष मोहिनी एकादशी व्रत - ऊँँ नमो भगवते वासुदेवाय मोहिनी एकादशी সন- मोहिनी एकादशी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। इस दिन विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भगवान असुरों को मोहित किया था और देव्वताओं को अमृत प्राप्त हुआ था। इस एकादशी के व्रत से समस्त पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत का महत्व इस ब्रत को करने से व्यक्ति को पापों से मुच्ति मिलता है, रोगन्शोक दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अंत में वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है। व्रत विधि 9ন ক লাঙ एकादशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें । सभी पापों का नाश होता है। ा दूर होती है। विष्णु  का ध्यान कर ब्रत का संकल्प लेें । भगवान रोग , दुख और दरिद्रता  विष्णु 7 दिनभर उपवास रखे और सहन्रनाम सुख, समृद्धि , शांति और वैभव की या विष्णु मंत्र का जाप करें । प्राप्ति होती है। शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें , पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। आरती करें और जागरण करें । अगले दिन द्वादशी तिथि को प्रातः अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत का पारण करें । मत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय विष्णु ` की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे। भगवान आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए। ऊँँ नमो भगवते वासुदेवाय मोहिनी एकादशी সন- मोहिनी एकादशी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। इस दिन विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भगवान असुरों को मोहित किया था और देव्वताओं को अमृत प्राप्त हुआ था। इस एकादशी के व्रत से समस्त पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत का महत्व इस ब्रत को करने से व्यक्ति को पापों से मुच्ति मिलता है, रोगन्शोक दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अंत में वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है। व्रत विधि 9ন ক লাঙ एकादशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें । सभी पापों का नाश होता है। ा दूर होती है। विष्णु  का ध्यान कर ब्रत का संकल्प लेें । भगवान रोग , दुख और दरिद्रता  विष्णु 7 दिनभर उपवास रखे और सहन्रनाम सुख, समृद्धि , शांति और वैभव की या विष्णु मंत्र का जाप करें । प्राप्ति होती है। शाम को भगवान विष्णु की पूजा करें , पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। आरती करें और जागरण करें । अगले दिन द्वादशी तिथि को प्रातः अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत का पारण करें । मत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय विष्णु ` की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे। भगवान आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए। - ShareChat