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#🙏🌹सुप्रभात 🌹🙏 #🙏प्रातः वंदन
🙏🌹सुप्रभात 🌹🙏 - அழ: எ फूंक माखने से द्विया < बुझ् सकता है.,!! ( अगरबत्ता नहीं. क्योंकि जो महकता है उसे कोई बुझा नहीं सकता और जो जलता है वह खुद बुझ जाता हैं সুস্মার day Jtae a wice जियश्री राम जयश्रीश्याम ८७ ४ அழ: எ फूंक माखने से द्विया < बुझ् सकता है.,!! ( अगरबत्ता नहीं. क्योंकि जो महकता है उसे कोई बुझा नहीं सकता और जो जलता है वह खुद बुझ जाता हैं সুস্মার day Jtae a wice जियश्री राम जयश्रीश्याम ८७ ४ - ShareChat