ShareChat
click to see wallet page
search
“पता नहीं…”कभी-कभी दिल की राहें समझ में नहीं आतीं… #ptanhi #💞Heart touching शायरी✍️ #loveshayari #Emotion #hindilines
ptanhi - थामा है मेंने जो हाथ तेरा है चलना कहाँ तक, पता नहीं मैं वो मुसाफ़िर हूँ, जिसे मंज़िल कहाँ है, पता नहीं परंतु है यहाँ सबको तार्किक बातें इससे मैं कहाँ तक हूँ, पता नहीं इसने मुझे दम जैसा कर दिया है रहा अब क्या फर्क है, पता नहीं प्रेम में डूबते तो सब हैं कैसे मैं डूबी हूँ, पता नहीं कैसा ये धोखा , कैसी डोर है कैसे तुमसे जुड़ी हूँ, पता नहीं दुनिया कहती है पागलपन है ये क्यूँ समझदारी पर अड़ी हूँ, पता नहीं दिमाग वाली की इस दुनिया में, दिल ಫತ कैसी मुश्किल आ पड़ी है, पता नहीं... थामा है मेंने जो हाथ तेरा है चलना कहाँ तक, पता नहीं मैं वो मुसाफ़िर हूँ, जिसे मंज़िल कहाँ है, पता नहीं परंतु है यहाँ सबको तार्किक बातें इससे मैं कहाँ तक हूँ, पता नहीं इसने मुझे दम जैसा कर दिया है रहा अब क्या फर्क है, पता नहीं प्रेम में डूबते तो सब हैं कैसे मैं डूबी हूँ, पता नहीं कैसा ये धोखा , कैसी डोर है कैसे तुमसे जुड़ी हूँ, पता नहीं दुनिया कहती है पागलपन है ये क्यूँ समझदारी पर अड़ी हूँ, पता नहीं दिमाग वाली की इस दुनिया में, दिल ಫತ कैसी मुश्किल आ पड़ी है, पता नहीं... - ShareChat