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कभी सच दिखाया जाता था…आज सच ढूँढना पड़ता है। कभी सवाल पूछे जाते थे…आज सवाल पूछने से डर लगता है। फिर भी हम कहेंगे —सब ठीक है? या सच में कुछ बदल रहा है… 🖊️ अगर कलम चुप हो गई,तो आवाज़ कौन उठाएगा?l #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - प्रेस स्वतंत्रता दिवस ३ मई भले ही यहाँ प्रेस की दशा दयनीय है, 45 180 4?|#2025 # भारत का स्थान १५१ था, जो Reporters Without Borders के अनुसार २०२६ में १५७ पर पहुँच गया है, भले ही देश में प्रेस का घोटा जा रहा हो, गला लेकिन मुबारकबाद तो देना होगा! कलम की ताकत को सलाम মত নীলন কী চিম্সন কী নসন सवाल पूछना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। अनामिका  आवाज दब सकती है, सच नहीं | प्रेस स्वतंत्रता दिवस ३ मई भले ही यहाँ प्रेस की दशा दयनीय है, 45 180 4?|#2025 # भारत का स्थान १५१ था, जो Reporters Without Borders के अनुसार २०२६ में १५७ पर पहुँच गया है, भले ही देश में प्रेस का घोटा जा रहा हो, गला लेकिन मुबारकबाद तो देना होगा! कलम की ताकत को सलाम মত নীলন কী চিম্সন কী নসন सवाल पूछना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। अनामिका  आवाज दब सकती है, सच नहीं | - ShareChat