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#☝ मेरे विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👫 हमारी ज़िन्दगी #❤️जीवन की सीख
☝ मेरे विचार - हे पार्थ समर्पण का अर्थ हार मान लेना नहीं, बल्कि अपने अहंकार को त्यागकर प्रेम में स्थिर हो जाना है। जो प्रेम में दृढ़ रहता है, वह हर परिस्थिति में अडिग रहता है, क्योंकि सच्चा समर्पण मनुष्य को दुर्बल नहीं, बल्कि दिव्य बना देता है। हे पार्थ समर्पण का अर्थ हार मान लेना नहीं, बल्कि अपने अहंकार को त्यागकर प्रेम में स्थिर हो जाना है। जो प्रेम में दृढ़ रहता है, वह हर परिस्थिति में अडिग रहता है, क्योंकि सच्चा समर्पण मनुष्य को दुर्बल नहीं, बल्कि दिव्य बना देता है। - ShareChat