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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️जीवन की सीख #नमो बुद्धाय
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - মন ৪ী মুল ঔ मन ही हर कर्म का मूल है। जैसा मन सोचता है, वैसा ही जीवन बनने लगता है। f8 ## द्वेष, लोभ और अशांति है, तो दुःख पीछे पीछे चलता है। लेकिन यदि मन निर्मल है, নী থানি छाया की तरह साथ रहती है। इसलिए बुद्ध ने कहा- बाहर को बदलने से पहले, अपने मन को देखो। 46# धम्म की शुरुआत होती है। ~নমী ব্রুল্ভায মন ৪ী মুল ঔ मन ही हर कर्म का मूल है। जैसा मन सोचता है, वैसा ही जीवन बनने लगता है। f8 ## द्वेष, लोभ और अशांति है, तो दुःख पीछे पीछे चलता है। लेकिन यदि मन निर्मल है, নী থানি छाया की तरह साथ रहती है। इसलिए बुद्ध ने कहा- बाहर को बदलने से पहले, अपने मन को देखो। 46# धम्म की शुरुआत होती है। ~নমী ব্রুল্ভায - ShareChat