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#☝ मेरे विचार#jai bhagavan गौतम बुद्ध जी
☝ मेरे विचार - पूर्णिंमा | बुद्ध BUDDH PURNIMA हम जो सोचते हैं वही बनते हैं। तृष्णा ही दुःख का कारण है। ক্কীখ ক্ষী থাঁন কনে কা शांति स्वयं के भीतर से आती है। एक ही उपाय है - प्रेम | स्त्य की राह पर चलना बड़ा धर्म है। सबसे ३. अहिंसा ही जीवन का सार है। पूर्णिंमा | बुद्ध BUDDH PURNIMA हम जो सोचते हैं वही बनते हैं। तृष्णा ही दुःख का कारण है। ক্কীখ ক্ষী থাঁন কনে কা शांति स्वयं के भीतर से आती है। एक ही उपाय है - प्रेम | स्त्य की राह पर चलना बड़ा धर्म है। सबसे ३. अहिंसा ही जीवन का सार है। - ShareChat