आज सोमवार की सुबह ऑफिस निकलने से पहले अगर आप पेट्रोल पंप पहुंचे होंगे, तो रेट देखकर जरूर झटका लगा होगा। देश में सिर्फ 10 दिनों के अंदर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं।
तेल कंपनियों ने पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की है। इससे पहले भी 16 मई और 23 मई को दाम बढ़ाए जा चुके हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का पूरा महीने का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। दिल्ली से लेकर मुंबई और लखनऊ से हैदराबाद तक हर शहर में तेल के रेट ऊपर जा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता ये है कि एक्सपर्ट्स अभी राहत की उम्मीद कम बता रहे हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों और महंगे हो सकते हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम आखिर अचानक क्यों बढ़ने लगे?
इस बार दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव माना जा रहा है। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया के सबसे अहम तेल रूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर असर पड़ा है। यहीं से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल सप्लाई होता है। सप्लाई पर असर पड़ते ही इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। इसका असर अब भारत में भी दिख रहा है।
हैदराबाद में पेट्रोल ₹115 और दिल्ली में ₹102 पार
नई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल का रेट ₹95.20 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹115.73 प्रति लीटर और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर पहुंच गया है। यह देश के सबसे महंगे शहरों में शामिल है।
ONGC डायरेक्टर ने क्या कहा?
ONGC की डायरेक्टर (एक्सप्लोरेशन) सुषमा रावत के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में अभी काफी अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब भी शांति समझौते की खबर आती है तो कच्चे तेल के दाम नीचे आते हैं, लेकिन जैसे ही तनाव बढ़ने की खबर आती है, कीमतें फिर ऊपर चली जाती हैं। उनका कहना है कि सरकार ने करीब 76 दिनों तक लोगों को राहत देने की कोशिश की, लेकिन तेल कंपनियों को रोज करीब ₹1000 करोड़ का नुकसान हो रहा था। ऐसे में कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक्सपर्ट्स की 3 बड़ी चेतावनियां
1. आने वाले दिनों में और महंगा हो सकता है पेट्रोल
अगर अमेरिका-ईरान तनाव जल्दी खत्म नहीं हुआ, तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि कुछ शहरों में पेट्रोल ₹110 से ₹120 प्रति लीटर तक जा सकता है।
2. खाने-पीने की चीजें भी हो सकती हैं महंगी
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने तक नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ते ही सब्जी, दूध, राशन और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी चीजें भी महंगी होने लगती हैं। ऐसा रहा तो आम आदमी का बजट बिगड़ना तय है।
3. मिडिल क्लास का महीने का बजट बिगड़ सकता है
रोज ऑफिस जाने वाले लोग, बाइक चलाने वाले स्टूडेंट्स और छोटे बिजनेस करने वालों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। महीने का फ्यूल खर्च तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर रोजमर्रा की हर चीजों पर देखने को मिलेगा।
क्रू़ड ऑयल की कीमतों में थोड़ी राहत मिली
हालांकि, रविवार देर रात इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 5% गिरकर $98.22 प्रति बैरल तक पहुंच गया। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक वेस्ट एशिया का तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक राहत स्थायी नहीं मानी जा सकती।
पेट्रोल-डीजल महंगे होने से आम आदमी क्या करे?
बिना जरूरत गाड़ी निकालने से बचें।
कार पूलिंग या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
गाड़ी की सर्विस टाइम पर करवाएं।
टायर प्रेशर सही रखें ताकि माइलेज बेहतर मिले। #पेट्रोल डीजल के दाम


