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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - ^ जो कुछ सीखा जीवन के संघर्षों से सीखा हमने जीने का अंदाज से सीखा बुज़ुर्गों कैसे एक अदावत सब कुछ छीन लिया करती हमने कोर्ट कचहरी और मुकदमों से सीखा H कांटो में रहकर भी खुशबू बांटी दुनिया को यह दुस्साहस हमने केवल से सीखा फूलों पल में कुट्टी कर लें पल में फिर से मिल जाएं निश्छल मन का यह संवेदन बच्चों से सीखा K व्यर्थ गंवा बैठे हैं हम जीवन के कुछ लम्हे हर लम्हें की कीमत है यह लम्हों से सीखा इशारों मेंकैसे होती है ग़ज़लों में बात ऐसा तौर तरीका हमने गूंगों से सीखा कैसे शेर कहा जाता है कैसा लहजा हो नजीर, 6#7=, जिगर की गजलों से सीखा ^ जो कुछ सीखा जीवन के संघर्षों से सीखा हमने जीने का अंदाज से सीखा बुज़ुर्गों कैसे एक अदावत सब कुछ छीन लिया करती हमने कोर्ट कचहरी और मुकदमों से सीखा H कांटो में रहकर भी खुशबू बांटी दुनिया को यह दुस्साहस हमने केवल से सीखा फूलों पल में कुट्टी कर लें पल में फिर से मिल जाएं निश्छल मन का यह संवेदन बच्चों से सीखा K व्यर्थ गंवा बैठे हैं हम जीवन के कुछ लम्हे हर लम्हें की कीमत है यह लम्हों से सीखा इशारों मेंकैसे होती है ग़ज़लों में बात ऐसा तौर तरीका हमने गूंगों से सीखा कैसे शेर कहा जाता है कैसा लहजा हो नजीर, 6#7=, जिगर की गजलों से सीखा - ShareChat