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#❤️जीवन की सीख #😛 व्यंग्य 😛
❤️जीवन की सीख - जब बंदर और हाथी की हुई मस्ती भरी बातचीत! 41, 3 কাথী  आपका टूंक इतना ताकि दूर से ही लंबा क्यों है? सबको सूंघ कर पहचान सकूं कि कौन दोस्त है और कौन दुश्मन! हूँ॰॰. तो क्या कभी गलती से प्याज भी सूंघ लेते हो? अरे नहीं यार! सूंघा तो आँखों प्याज से आँसू निकल आते हैं, इसलिए मैं दूर ही रहता हूँ! 4, বক নান ননাগী हाथी  आप कभी जिम क्यों नहीं जाते? इतने बड़े हो फिर भी दुबले ही मैं जिम जाऊँ? लगते हो! पगले! मैं रोज जंगल में हजारों कदम चलता हूँ, अपने केले নু পমল गिनना बंद कर! सीखः दोस्ती में मज़ाक चल सकता है, लेकिन प्यार और सम्मान हमेशा रहना चाहिए! जब बंदर और हाथी की हुई मस्ती भरी बातचीत! 41, 3 কাথী  आपका टूंक इतना ताकि दूर से ही लंबा क्यों है? सबको सूंघ कर पहचान सकूं कि कौन दोस्त है और कौन दुश्मन! हूँ॰॰. तो क्या कभी गलती से प्याज भी सूंघ लेते हो? अरे नहीं यार! सूंघा तो आँखों प्याज से आँसू निकल आते हैं, इसलिए मैं दूर ही रहता हूँ! 4, বক নান ননাগী हाथी  आप कभी जिम क्यों नहीं जाते? इतने बड़े हो फिर भी दुबले ही मैं जिम जाऊँ? लगते हो! पगले! मैं रोज जंगल में हजारों कदम चलता हूँ, अपने केले নু পমল गिनना बंद कर! सीखः दोस्ती में मज़ाक चल सकता है, लेकिन प्यार और सम्मान हमेशा रहना चाहिए! - ShareChat