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#☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन के सीख #💖Love You ज़िंदगी💞 #🙏शुभकामना सन्देश🌸
☝अनमोल ज्ञान - जहाँ जिस रूप की आवश्यकता हो, वहाँ वैसा ही बन जाना चाहिए.. जैसे हनुमान जी ने किया ' सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा। ' अर्थात दोनों ही रूप में रहो अपने आत्मसम्मान के लिए अच्छे के साथ अच्छे और बुरे के साथ बुरे बनो।। जय सिया राम A४४४४ जहाँ जिस रूप की आवश्यकता हो, वहाँ वैसा ही बन जाना चाहिए.. जैसे हनुमान जी ने किया ' सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा। ' अर्थात दोनों ही रूप में रहो अपने आत्मसम्मान के लिए अच्छे के साथ अच्छे और बुरे के साथ बुरे बनो।। जय सिया राम A४४४४ - ShareChat