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#❤️अस्सलामु अलैकुम #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️अस्सलामु अलैकुम - मायके वाले कितने ही गंदे हो,बाप गुंडा हो, भाई घटिया हो॰माँ ख़राब हो,बहन चरित्र से ढीली ही क्यों ना हो, लेकिन बेशर्म पत्नी की हिम्मत नहीं है कि গননী सही को सही और ग़लत को ग़लत कह सके, बस उसको तो पति में और ससुराल में ही कमिया नज़र आती है और मायके में अच्छाईया नज़र आती है सहमत हो ? शिराज महेता मायके वाले कितने ही गंदे हो,बाप गुंडा हो, भाई घटिया हो॰माँ ख़राब हो,बहन चरित्र से ढीली ही क्यों ना हो, लेकिन बेशर्म पत्नी की हिम्मत नहीं है कि গননী सही को सही और ग़लत को ग़लत कह सके, बस उसको तो पति में और ससुराल में ही कमिया नज़र आती है और मायके में अच्छाईया नज़र आती है सहमत हो ? शिराज महेता - ShareChat