vishambhar giri free songs
गीत: मैं हूं चंद्रशेखर आज़ाद
गीतकार: विशंभर गिरि
मुखड़ा:
मैं हूं चंद्रशेखर आज़ाद,
आज़ाद रहूंगा।
भारत देश की सेवा में,
जीवन अपना दूंगा।
माँ भारती की शान के लिए,
हर संकट से लड़ जाऊंगा।
मैं हूं चंद्रशेखर आज़ाद,
आज़ाद रहूंगा।
अंतरा 1:
बचपन से ही प्रण लिया था,
गुलामी कभी न सहूंगा।
अन्याय और अत्याचारों से,
डटकर सदा लड़ूंगा।
भारत माँ की आन-बान पर,
हँसते-हँसते मिट जाऊंगा।
मैं हूं चंद्रशेखर आज़ाद,
आज़ाद रहूंगा।
अंतरा 2:
इंकलाब की ज्वाला लेकर,
जन-जन को जगाऊंगा।
भगत सिंह के सपनों वाला,
भारत फिर बनाऊंगा।
सत्य, साहस और बलिदान का,
हर घर में दीप जलाऊंगा।
अंतरा 3:
मातृभूमि का कर्ज चुकाने,
अपना सर्वस्व लुटाऊंगा।
झुकना मैंने सीखा नहीं,
सीना तान खड़ा रहूंगा।
देशभक्ति ही मेरा जीवन,
भारत का गुण गाऊंगा।
अंतरा 4:
वीरों की गाथा गाकर,
युवाओं को प्रेरित करूंगा।
राष्ट्रध्वज की शान में,
हर पल अपना तन-मन अर्पित करूंगा।
भारत माँ की जय बोलकर,
अमर संदेश सुनाऊंगा।
समापन:
भारत माँ का सच्चा बेटा,
देश पर प्राण लुटाऊंगा।
स्वतंत्रता का दीप जलाकर,
नई पीढ़ी को राह दिखाऊंगा।
मैं हूं चंद्रशेखर आज़ाद,
आज़ाद रहूंगा।
भारत देश की सेवा में,
सदा अमर कहलाऊंगा।
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