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✨🚩 रामायण यात्रा – बीसवाँ प्रसंग 🚩✨ हनुमान जी का समुद्र लांघना, लंका प्रवेश और सीता माता का दर्शन 🙏 जय श्री राम 🙏 दक्षिण दिशा में खोज करते हुए… अब वानर सेना पहुँच चुकी थी समुद्र तट पर— जहाँ से आगे था विशाल सागर और उसके पार—लंका नगरी… यहीं से शुरू होती है 👉 श्रीराम कार्य की सबसे अद्भुत यात्रा ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌊 समुद्र तट पर चिंता समुद्र के किनारे खड़े होकर सभी वानर वीर सोच में पड़ गए— 👉 “इतना विशाल समुद्र कौन पार करेगा?” तभी जामवंत जी ने हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया— 👉 “हे वानरश्रेष्ठ! आप तो असीम बल के धनी हैं…” यह सुनते ही हनुमान जी ने अपना विराट रूप धारण किया… 👉 और श्रीराम का स्मरण कर एक ही छलांग में समुद्र लांघने का संकल्प लिया ━━━━━━━━━━━━━━━ 🕊 हनुमान जी का दिव्य उड़ान “जय श्री राम” का जयघोष करते हुए हनुमान जी आकाश में उड़ चले— मार्ग में कई बाधाएँ आईं— 👉 सुरसा ने परीक्षा ली 👉 सिंहिका ने रोकने का प्रयास किया लेकिन 👉 बुद्धि, बल और धैर्य से हनुमान जी ने सभी बाधाओं को पार किया यह दर्शाता है— 👉 सच्चे संकल्प के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती ━━━━━━━━━━━━━━━ 🏰 लंका नगरी में प्रवेश समुद्र पार कर हनुमान जी पहुँचे स्वर्णमयी लंका में… रात के समय छोटा रूप धारण कर वे लंका में प्रवेश करते हैं… वहाँ उन्होंने देखा— 👉 रावण का वैभव 👉 सोने की चमचमाती नगरी 👉 लेकिन भीतर छुपा अहंकार और अधर्म ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌸 अशोक वाटिका में सीता माता काफी खोज के बाद हनुमान जी पहुँचे अशोक वाटिका… वहाँ उन्होंने देखा— 👉 एक वृक्ष के नीचे बैठी विरह में डूबी माता सीता हनुमान जी ने वृक्ष पर बैठकर राम नाम का जप किया… और फिर धीरे से 👉 श्रीराम की अंगूठी सीता माता के सामने गिराई अंगूठी देखते ही सीता माता की आँखों में आशा जाग उठी… ━━━━━━━━━━━━━━━ 🙏 प्रभु का संदेश हनुमान जी ने विनम्रता से कहा— 👉 “मैं श्रीराम का दूत हूँ…” उन्होंने 👉 श्रीराम का संदेश सुनाया 👉 और शीघ्र ही आने का आश्वासन दिया सीता माता ने 👉 चूड़ामणि देकर संदेश भेजा यह क्षण था— 👉 भक्ति, विश्वास और आशा का संगम ━━━━━━━━━━━━━━━ 🔥 लंका में पराक्रम सीता माता से मिलकर हनुमान जी ने लंका में अपना पराक्रम दिखाया— 👉 अशोक वाटिका का विनाश 👉 रावण के सैनिकों का संहार अंत में 👉 अपनी पूँछ में अग्नि लगने पर पूरी लंका को जला दिया यह दर्शाता है— 👉 अधर्म का अंत निश्चित है ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌿 इस प्रसंग का गूढ़ अर्थ हनुमान जी = अटूट भक्ति और आत्मविश्वास समुद्र = जीवन की चुनौतियाँ लंका = मोह और अहंकार 👉 जो राम नाम में विश्वास रखता है वह हर कठिनाई पार कर सकता है ━━━━━━━━━━━━━━━ 🌼 जीवन के लिए सीख अपनी शक्ति को पहचानना जरूरी है। संकट में धैर्य और बुद्धि ही सबसे बड़ा हथियार है। सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो जाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ 🔮 आगे क्या होगा? अगले प्रसंग में— 👉 श्रीराम को सीता माता का समाचार 👉 समुद्र पर सेतु निर्माण 👉 और लंका पर चढ़ाई की तैयारी ━━━━━━━━━━━━━━━ अगर आप हनुमान जी के इस पराक्रम को प्रणाम करते हैं, तो कमेंट में “जय श्री राम” जरूर लिखें 🚩🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🌞 Good Morning🌞
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat