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#✍गुलजारांचे साहित्य #🖋शेरो-शायरी #💖रोमॅन्टीक Love
✍गुलजारांचे साहित्य - न जाने कैसा असर है उनकी निगाहों में, हम होश में होकर भी, नशे में चूर हुए बैठे हैं... उनकी एक दीदार की ख़ातिर, हम खुद को उनकी गलियों में गवा बैठे हैं... ! Sanjay   न जाने कैसा असर है उनकी निगाहों में, हम होश में होकर भी, नशे में चूर हुए बैठे हैं... उनकी एक दीदार की ख़ातिर, हम खुद को उनकी गलियों में गवा बैठे हैं... ! Sanjay - ShareChat