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#🥰प्रेम कविता📝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #🖋शेरो-शायरी
🥰प्रेम कविता📝 - कोई प्रेम में स्वयं को पूरी तरह देता समर्पित है कर तो कोई प्रेम को ही अपने स्वार्थ के बदल देता है 33H दोष न प्रेम का होता है न प्रेम  करने বালী क ये सब इंसान की परवरिश 377 ತಳಾ का खेल होता है संस्कारों कोई प्रेम में स्वयं को पूरी तरह देता समर्पित है कर तो कोई प्रेम को ही अपने स्वार्थ के बदल देता है 33H दोष न प्रेम का होता है न प्रेम  करने বালী क ये सब इंसान की परवरिश 377 ತಳಾ का खेल होता है संस्कारों - ShareChat