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रामानंद सागर की #ramayana को 39 साल हो चुके हैं, पर आज तक राम-सीता पर बनी कोई और पौराणिक फिल्म या सीरियल इसे मात नहीं दे पाया। इसने एक ऐसा बेंचमार्क स्थापित किया, जिसकी मिसाल आने वाली कई सदियों और पीढ़ियों तक दी जाएगी। रामानंद सागर ने 80 के जिस दशक में 'रामायण' बनाई थी, उस वक्त तकनीक इतनी उन्नत नहीं थी और ना ही VFX या स्पेशल इफेक्ट्स थे, पर जुगाड़ लगा-लगाकर उन्होंने एक ऐतिहासिक 'रामायण' बनाई। एक ऐसी 'रामायण', जिसके नजदीक कोई भी नहीं पहुंच सका। हर कलाकार अपने निभाए किरदार में हमेशा के लिए 'अमर' हो गया। चाहे वह राम बने अरुण गोविल हों, सीता बनीं दीपिका चिखलिया या फिर लक्ष्मण के किरदार में सुनील लहरी। हालांकि, 'रामायण' की शूटिंग इनके लिए आसान नहीं रही थी। बल्कि टीम ने शूट के दौरान बहुत मुश्किलें झेली थीं। जहां एक सीन में अरुण गोविल, सुनील लहरी और दीपिका चिखलिया की जान पर बन आई थी, तो वहीं एक सीक्वेंस ऐसा थी, जिसे करने में उनकी कमर और शरीर के खुले हिस्सों पर फफोले पड़ गए थे और कई दिनों तक खाल निकलती रही। उनका शरीर लगभग जल गया था। 'संडे सिनेमा' के स्पेशल सेगमेंट में इन्हीं वाकयों के बारे में बता रहे हैं। #❣️🐰Whatsapp Status🐰❣️ #😍स्टेटस की दुनिया🌍
❣️🐰Whatsapp Status🐰❣️ - BEHIND IALKIES BEHIND 7 : : सुनील लहरी रामायणः राम लक्ष्मण को जान बचाने के लिए पड़ा भागना , शरीर , निकलती रहती थी खाल GGI behindtalkies com X BEHINDIALKIES 0 BEHIND IALKIES BEHIND 7 : : सुनील लहरी रामायणः राम लक्ष्मण को जान बचाने के लिए पड़ा भागना , शरीर , निकलती रहती थी खाल GGI behindtalkies com X BEHINDIALKIES 0 - ShareChat