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#माता वैष्णो देवी
माता वैष्णो देवी - विक्रम संवत् २०८३ ग्रौष्म ऋतु, अधिक ज्येष्ठ मास , अनुराधा नक्षत्र, शुक्ल पक्ष २०२६ ( पुर्णिमा) ३१ मई २०२६ रविवार प्रातः कालीन दर्शन MH ONE LIVE 781 07:50 AM ३ँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे शरदकालीन चन्द्रमा के समान उज्ज्वल आभावाली , उत्तमा रलों से जटित मकरकुण्डलों तथा हारों से सुशोभित , दैवीय आयुधों से दौप्त सुन्दर नीले हजारों हाथोंवाली , ज़ाज़ कमला की आभायुक्त चारणों वाली भगवती दुर्गा देवी का मैं प्राततः का़ला स्मरणा करता हूँ। विक्रम संवत् २०८३ ग्रौष्म ऋतु, अधिक ज्येष्ठ मास , अनुराधा नक्षत्र, शुक्ल पक्ष २०२६ ( पुर्णिमा) ३१ मई २०२६ रविवार प्रातः कालीन दर्शन MH ONE LIVE 781 07:50 AM ३ँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे शरदकालीन चन्द्रमा के समान उज्ज्वल आभावाली , उत्तमा रलों से जटित मकरकुण्डलों तथा हारों से सुशोभित , दैवीय आयुधों से दौप्त सुन्दर नीले हजारों हाथोंवाली , ज़ाज़ कमला की आभायुक्त चारणों वाली भगवती दुर्गा देवी का मैं प्राततः का़ला स्मरणा करता हूँ। - ShareChat