ShareChat
click to see wallet page
search
#अल्फ़ाज़# #✍️ साहित्य एवं शायरी #🧒मेरा बचपन #अधूरे अल्फ़ाज़ #💝 शायराना इश्क़
अल्फ़ाज़# - n ব कर्म, कभी माफ नहीं करते पार्थ रुलाया है तो रोना भी निश्चित है। 100 n ব कर्म, कभी माफ नहीं करते पार्थ रुलाया है तो रोना भी निश्चित है। 100 - ShareChat