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#परमात्मा एक
परमात्मा एक - बाबा हनुमान जी ೯೦೦ परमात्मा एक इस संसार की रचना कर्म के आधार पर हुई है। मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अवश्य प्राप होता है। इसलिए जीवन में सद्रकर्म, सेवा और भक्ति को अपनाइए क्योंकि कर्म ही कषाग्य का निर्माता है४ गिफ्ट पाठवा बाबा हनुमान जी ೯೦೦ परमात्मा एक इस संसार की रचना कर्म के आधार पर हुई है। मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अवश्य प्राप होता है। इसलिए जीवन में सद्रकर्म, सेवा और भक्ति को अपनाइए क्योंकि कर्म ही कषाग्य का निर्माता है४ गिफ्ट पाठवा - ShareChat