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#मैं नास्तिक क्यों हू #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #❤️जीवन की सीख #🌠ओशो☘️ #🙏कर्म क्या है❓
मैं नास्तिक क्यों हू - प्रेम तब तक अधूरा है, जब तक उसमें स्वतंत्रता न हाे। जहां डर और अधिकार शुरू हो जाते हैं, वहां प्रेम धीरे धीरे होने लगता है। खत्म प्रेम तब तक अधूरा है, जब तक उसमें स्वतंत्रता न हाे। जहां डर और अधिकार शुरू हो जाते हैं, वहां प्रेम धीरे धीरे होने लगता है। खत्म - ShareChat