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#💕💕🌺meri jindagi 🌺💕💕
💕💕🌺meri  jindagi 🌺💕💕 - विवाह उससे करो , जिससे प्रेम करते हो। नहीं तो दिल कहीं होगा , और शरीर कहीं और होगा , सारा जीवन एक घुटन बन कर रह जाएगा। Int[gmm  iamprasadಚl4 विवाह से प्रेम नहीं निकल सकता, क्योंकि विवाह शर्तों के अधीन होता है। विवाह एक सामाजिक व्यवस्था है। प्रेम एक आध्यात्मिक व्यवस्था है। प्रेम बिना शर्त होता है। इसलिए प्रेम से जो विवाह निकले वही सही विवाह है। D आचार्य रजनीश (ओशो ) $ विवाह उससे करो , जिससे प्रेम करते हो। नहीं तो दिल कहीं होगा , और शरीर कहीं और होगा , सारा जीवन एक घुटन बन कर रह जाएगा। Int[gmm  iamprasadಚl4 विवाह से प्रेम नहीं निकल सकता, क्योंकि विवाह शर्तों के अधीन होता है। विवाह एक सामाजिक व्यवस्था है। प्रेम एक आध्यात्मिक व्यवस्था है। प्रेम बिना शर्त होता है। इसलिए प्रेम से जो विवाह निकले वही सही विवाह है। D आचार्य रजनीश (ओशो ) $ - ShareChat