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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं सब कें उर रहहीं , नाथ पुरान सुमति  कुमति तहँ संपति नाना, निगम अस कहहीं , जहाँ gHf तहँ बिपति निदाना जहाँ कुमति (अच्छी बुद्धि) और पुराण और वेद ऐसा कहते हैं कि সুসনি  (बुरी बुद्धि सभी के हृदय में रहती है। जहाँ होती সুসনি ক্তুমনি सुख-संपत्तियाँ रहती हैं और जहाँ বঙ্াঁ নানা সব্ধায ক্ধী है कुमति होती है, वहाँ अंत में विपत्ति ही हाथ लगती है। हरि शरणं सब कें उर रहहीं , नाथ पुरान सुमति  कुमति तहँ संपति नाना, निगम अस कहहीं , जहाँ gHf तहँ बिपति निदाना जहाँ कुमति (अच्छी बुद्धि) और पुराण और वेद ऐसा कहते हैं कि সুসনি  (बुरी बुद्धि सभी के हृदय में रहती है। जहाँ होती সুসনি ক্তুমনি सुख-संपत्तियाँ रहती हैं और जहाँ বঙ্াঁ নানা সব্ধায ক্ধী है कुमति होती है, वहाँ अंत में विपत्ति ही हाथ लगती है। - ShareChat