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#☝ मेरे विचार @Gareja Mital @Bablu roy @Shastri ji @Golu Saini @Devcharan Yadav
☝ मेरे विचार - ShareChat सिह @सजवर्धन  झल जिंदगी की सच्चाई डिग्री की कोई वैल्यू ४० की उम्र के बाद पढ़ाई और  नहीं रहती है कई बार हम चाय वाले के पास खड़े होते हैं तो पता चलता है ये अनपढ़ है और इसकी इनकम तो मेरे से भी ज्यादा है और वह भी टैक्स फ्री है। तब बड़ा धक्का लगता है ५० की उम्र के बाद सुंदरता নল্সু नहीं होती। चेहरा इतना खराब हा जाता की कोई  है कि लोग सजना संवरना भी बंद कर देते हैं।  वैल्यू  ६० साल के बाद पद और प्रतिष्ठा की भी खत्म हो जाती है किसी समय आपके साइन से पूरा शहर चला करता था मगर ६० के बाद वहां का चपरासी भी आपको सलाम नहीं करेगा। ७० साल की उम्र के बाद घर छोटा हो या बड़ा इसकी भी कोई वैल्यू नहीं रह जाती अगर डबल मंजिला हो तो ऊपर चढ़ने में घुटनों में दर्द होगा तो उस समय छोटा घर ही आराम देता है ८० साल की उम्र के बाद आपके अकाउंट में करोडों रुपए पड़ हो आपके किसी काम के नहीं है आपको रोज खानी १०० रुपये की गोलियां ही है जिंदगी में भाग दौड़ करके, कितने परपंच रचे होंगे इस पैसे को इकट्टा करने के लिए। किसी समय दिमाग में था कि पैसे इकट्टे हो जाएंगे तो एंजॉय करेंगे। मगर भैया कुछ इंजॉय नहीं होगा। की तरफ जा रहे हैं और में हम सबको स्ट्रगल बुढ़ापे  बुढ़ापे  {স মন करना है बीमारियों से।और कुछ नहीं होगा। और हमारे सामने हमारे बच्चे हमारे रिलेटिव उन पैसों कामजा लेंगे जिन्हे कमाने के लिए हमने अपना स्वास्थ्य भी दांव पर लगा दिया था। इसलिए आप जहां पर भी है वहां पर रुक जाए और जो कुछ भी भगवान ने आपको दिया है उसका आनंद लीजिए। औलाद के लिए एक लाख छोड़ कर जाओ या दस करोड़। उन्हे वे कम ही लगेंगे। कही गई बात से क्या आप भी सहमत हैं .. ShareChat सिह @सजवर्धन  झल जिंदगी की सच्चाई डिग्री की कोई वैल्यू ४० की उम्र के बाद पढ़ाई और  नहीं रहती है कई बार हम चाय वाले के पास खड़े होते हैं तो पता चलता है ये अनपढ़ है और इसकी इनकम तो मेरे से भी ज्यादा है और वह भी टैक्स फ्री है। तब बड़ा धक्का लगता है ५० की उम्र के बाद सुंदरता নল্সু नहीं होती। चेहरा इतना खराब हा जाता की कोई  है कि लोग सजना संवरना भी बंद कर देते हैं।  वैल्यू  ६० साल के बाद पद और प्रतिष्ठा की भी खत्म हो जाती है किसी समय आपके साइन से पूरा शहर चला करता था मगर ६० के बाद वहां का चपरासी भी आपको सलाम नहीं करेगा। ७० साल की उम्र के बाद घर छोटा हो या बड़ा इसकी भी कोई वैल्यू नहीं रह जाती अगर डबल मंजिला हो तो ऊपर चढ़ने में घुटनों में दर्द होगा तो उस समय छोटा घर ही आराम देता है ८० साल की उम्र के बाद आपके अकाउंट में करोडों रुपए पड़ हो आपके किसी काम के नहीं है आपको रोज खानी १०० रुपये की गोलियां ही है जिंदगी में भाग दौड़ करके, कितने परपंच रचे होंगे इस पैसे को इकट्टा करने के लिए। किसी समय दिमाग में था कि पैसे इकट्टे हो जाएंगे तो एंजॉय करेंगे। मगर भैया कुछ इंजॉय नहीं होगा। की तरफ जा रहे हैं और में हम सबको स्ट्रगल बुढ़ापे  बुढ़ापे  {স মন करना है बीमारियों से।और कुछ नहीं होगा। और हमारे सामने हमारे बच्चे हमारे रिलेटिव उन पैसों कामजा लेंगे जिन्हे कमाने के लिए हमने अपना स्वास्थ्य भी दांव पर लगा दिया था। इसलिए आप जहां पर भी है वहां पर रुक जाए और जो कुछ भी भगवान ने आपको दिया है उसका आनंद लीजिए। औलाद के लिए एक लाख छोड़ कर जाओ या दस करोड़। उन्हे वे कम ही लगेंगे। कही गई बात से क्या आप भी सहमत हैं .. - ShareChat