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#✨उर्दू शायरी #🖋ग़ालिब की शायरी #😞बेवफा शायरी #💔ब्रेकअप शायरी✍ #बेहतरीन उर्दू शायरी✍️
✨उर्दू शायरी - बाप का प्यार... तपती धूप में जलता है वो, ताकि घर में ठंडी छांव रहे, काँटों पर खुद चलता है वो, ताकि बच्चों के कोमल पाँव रहे। अपनी खुशियाँ बेचकर जिसने, मेरे हर खिलौने खरीदे हैं फटी कमीज़ पहनकर अपनी, मेरे अरमान बुने और सीये हैं। कभी डांट में छिपा फिक्र उसका , कभी चुप्पी में गहरा प्यार है, पहा़ड़ जैसी हिम्मत है उसकी, वो मेरे जीवन का आधार है। उंगलियाँ पकड़कर चलना सिखाया, गिरूँ तो उठने का साहस दिया, खुद हारकर भी हर बाज़ी में॰ मुझे जीत का अटूट विश्वास दिया। Share with your father` @withtko5 बाप का प्यार... तपती धूप में जलता है वो, ताकि घर में ठंडी छांव रहे, काँटों पर खुद चलता है वो, ताकि बच्चों के कोमल पाँव रहे। अपनी खुशियाँ बेचकर जिसने, मेरे हर खिलौने खरीदे हैं फटी कमीज़ पहनकर अपनी, मेरे अरमान बुने और सीये हैं। कभी डांट में छिपा फिक्र उसका , कभी चुप्पी में गहरा प्यार है, पहा़ड़ जैसी हिम्मत है उसकी, वो मेरे जीवन का आधार है। उंगलियाँ पकड़कर चलना सिखाया, गिरूँ तो उठने का साहस दिया, खुद हारकर भी हर बाज़ी में॰ मुझे जीत का अटूट विश्वास दिया। Share with your father` @withtko5 - ShareChat