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#🙏 ભક્તિ & ધર્મ #🙏 જય શ્રી કૃષ્ણ #🙏શ્રીમદ્ ભગવદ્ ગીતા શ્લોક📙
🙏 ભક્તિ & ધર્મ - श्री मदू भगवदगीता अध्याय ४ ५ युक्तः कर्मफलं त्यक्त्वा शान्तिमाप्नोति नैष्ठिकीम्। अयुक्तः कामकारेण फले सक्तो निबध्यते।। कर्मयोगी कर्मोंके फलका त्याग करके भगवत्प्राप्तिरूप शान्तिको होता है और सकाम पुरुष कामनाकी प्रेरणासे फलमें সাদ आसक्त होकर बँधता है। | १२।। 33 ೫ ತಊrr srF[: श्री मदू भगवदगीता अध्याय ४ ५ युक्तः कर्मफलं त्यक्त्वा शान्तिमाप्नोति नैष्ठिकीम्। अयुक्तः कामकारेण फले सक्तो निबध्यते।। कर्मयोगी कर्मोंके फलका त्याग करके भगवत्प्राप्तिरूप शान्तिको होता है और सकाम पुरुष कामनाकी प्रेरणासे फलमें সাদ आसक्त होकर बँधता है। | १२।। 33 ೫ ತಊrr srF[: - ShareChat