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पहला सावन सोमवार आने वाला है — और ज़्यादातर लोग जलाभिषेक की एक ऐसी गलती करते हैं जो ग्रह दोष को शांत करने की जगह और बढ़ा देती है। 2026 में तेईस साल बाद नाग पंचमी और सावन सोमवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस बार सही विधि अपनाएं — काले तिल, कच्चा दूध, और जल की सही दिशा। अपनी kundali का personal analysis करें trikalvaani.com — link in bio.
Q: सावन 2026 कब से शुरू होगा और पहला सावन सोमवार कब है?
A: सावन 2026 जुलाई के अंतिम सप्ताह में आरंभ होगा। पहला सावन सोमवार श्रावण मास के प्रथम सोमवार को पड़ेगा। इस वर्ष नाग पंचमी और सावन सोमवार का 23 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है।
Q: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए?
A: BPHS और शिव पुराण के अनुसार, जल हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में खड़े होकर, धीरे-धीरे और निरंतर धारा में चढ़ाएं। खंडित धारा, पीठ की ओर से जल चढ़ाना, और अशुद्ध मानसिकता — ये तीनों गलतियां ग्रह दोष बढ़ाती हैं।
Q: नाग पंचमी 2026 कब मनाई जाएगी और इसका सावन सोमवार से क्या संबंध है?
A: नाग पंचमी 2026 श्रावण शुक्ल पंचमी को मनाई जाएगी। जब यह तिथि सोमवार के निकट या उसी दिन पड़े, तो BPHS के अनुसार यह राहु-केतु जनित दोष और नवम भाव की पारिवारिक रुकावटें दूर करने का श्रेष्ठ काल होता है।
Q: सावन सोमवार व्रत कैसे करें और इसके क्या फायदे हैं?
A: सावन सोमवार व्रत में प्रातःकाल स्नान कर, शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र और कच्चा धतूरा अर्पित करें। BPHS के अनुसार यह व्रत शनि, राहु और चंद्र दोष निवारण के साथ पारिवारिक सुख और आरोग्य प्रदान करता है।
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