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#✒ शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #💝 शायराना इश्क़
✒ शायरी - जहाँ अपनों की याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की, बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है, पर जहाँ से अपने ना दिखे वो ऊंचाई किस काम की॰. सुप्रभात। kishor जहाँ अपनों की याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की, बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है, पर जहाँ से अपने ना दिखे वो ऊंचाई किस काम की॰. सुप्रभात। kishor - ShareChat