मत्ती 18
10“देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ कि स्वर्ग में उनके दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं। 11[क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को बचाने आया है।]
12“तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाए, तो क्या वह निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों पर जाकर, उस भटकी हुई को न ढूँढ़ेगा?13और यदि ऐसा हो कि उसे पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं, इतना आनन्द नहीं करेगा जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा। 14ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं कि इन छोटों में से एक भी नष्ट हो। #✝यीशु वचन #✝ ईसा मसीह
![✝यीशु वचन - 18.14 May 03, 2026 মনী 18 १०"देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ कि स्वर्ग में उनके दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं। lllक्योंकि मनुष्य का को बचाने आया हैI] पुत्र खोएः ஒர १२ तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाएनो क्या वहु निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों परजाकर उस भटकी हुई को ढूँढ़ेगा२ ३और यदि ऐसा हो कि उसे न पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं इतना आनन्द नहीं करेगा जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा1 ी४ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं कि इन छोटों में से एक भी नष्ट हो। JESUSMYSAVIQUR RANJEETSINGHSEHGAL 18.14 May 03, 2026 মনী 18 १०"देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ कि स्वर्ग में उनके दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं। lllक्योंकि मनुष्य का को बचाने आया हैI] पुत्र खोएः ஒர १२ तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाएनो क्या वहु निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों परजाकर उस भटकी हुई को ढूँढ़ेगा२ ३और यदि ऐसा हो कि उसे न पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं इतना आनन्द नहीं करेगा जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा1 ी४ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं कि इन छोटों में से एक भी नष्ट हो। JESUSMYSAVIQUR RANJEETSINGHSEHGAL - ShareChat ✝यीशु वचन - 18.14 May 03, 2026 মনী 18 १०"देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ कि स्वर्ग में उनके दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं। lllक्योंकि मनुष्य का को बचाने आया हैI] पुत्र खोएः ஒர १२ तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाएनो क्या वहु निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों परजाकर उस भटकी हुई को ढूँढ़ेगा२ ३और यदि ऐसा हो कि उसे न पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं इतना आनन्द नहीं करेगा जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा1 ी४ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं कि इन छोटों में से एक भी नष्ट हो। JESUSMYSAVIQUR RANJEETSINGHSEHGAL 18.14 May 03, 2026 মনী 18 १०"देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ कि स्वर्ग में उनके दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं। lllक्योंकि मनुष्य का को बचाने आया हैI] पुत्र खोएः ஒர १२ तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाएनो क्या वहु निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों परजाकर उस भटकी हुई को ढूँढ़ेगा२ ३और यदि ऐसा हो कि उसे न पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं इतना आनन्द नहीं करेगा जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा1 ी४ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं कि इन छोटों में से एक भी नष्ट हो। JESUSMYSAVIQUR RANJEETSINGHSEHGAL - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_784043_20c85e32_1777821778048_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=048_sc.jpg)

