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#🌷शुभ रविवार #🌞 Good Morning🌞 #💝 शायराना इश्क़ #🌙 गुड नाईट #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
🌷शुभ रविवार - (क्यों ऐसी रीत बनाई है ) एक विदा होती बेटी ने कहा अपने पापा से कि, इस समाज ने क्यों ऐसी रीत बनाई है, एक ही कोख से जन्मे बेटा बेटी में, बेटी क्यो होती पराई है। क्या बेटियां ज्यादा खाती है? या बेटो से ज़्यादा सताती है, फिर क्यों उन्हें घर से जाने का फरमान सुनाया जाता है, दहेज़ का देकर लोभ उसे क्यों मेहमान बनाया जाता है। अरे, जिस इज़्ज़त का हवाला देकर , बेटियों को विदा करते हैं लोग क्या वो इज़्ज़त सुसराल में उसे मिल जाती है? एक बगिया से टरूटकर नाज़ुक कली, बगिया में खिल जाती है? दुसरी I फिर क्यों ढ़ोल नगाडें बाजे बजवाकर, उसको दफ़ा करते हैं लोग, उसकी सारी, छिन कर खुशियां  समाज से वफ़ा करते हैं लोग। 3733 க0 32 (क्यों ऐसी रीत बनाई है ) एक विदा होती बेटी ने कहा अपने पापा से कि, इस समाज ने क्यों ऐसी रीत बनाई है, एक ही कोख से जन्मे बेटा बेटी में, बेटी क्यो होती पराई है। क्या बेटियां ज्यादा खाती है? या बेटो से ज़्यादा सताती है, फिर क्यों उन्हें घर से जाने का फरमान सुनाया जाता है, दहेज़ का देकर लोभ उसे क्यों मेहमान बनाया जाता है। अरे, जिस इज़्ज़त का हवाला देकर , बेटियों को विदा करते हैं लोग क्या वो इज़्ज़त सुसराल में उसे मिल जाती है? एक बगिया से टरूटकर नाज़ुक कली, बगिया में खिल जाती है? दुसरी I फिर क्यों ढ़ोल नगाडें बाजे बजवाकर, उसको दफ़ा करते हैं लोग, उसकी सारी, छिन कर खुशियां  समाज से वफ़ा करते हैं लोग। 3733 க0 32 - ShareChat