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#💓 मोहब्बत दिल से #✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #💞Heart touching शायरी✍️
💓 मोहब्बत दिल से - मैं क्या करूँ ऐसे पुरुष का॰ जिसे मैं प्रेम कहूँ, वो वासना समजे, जिसे मैं दर्द कहूँ , वो नाटक समजे, जिसे मैं साथ कहूँ, वो उसे घर तोड़ना সমতী, और जिसे मैं आत्मसम्मान कहूँ , वो उसे अहंकार समजे. मैं क्या करूँ ऐसे पुरुष का॰ जिसे मैं प्रेम कहूँ, वो वासना समजे, जिसे मैं दर्द कहूँ , वो नाटक समजे, जिसे मैं साथ कहूँ, वो उसे घर तोड़ना সমতী, और जिसे मैं आत्मसम्मान कहूँ , वो उसे अहंकार समजे. - ShareChat