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#✍गुलजारांचे साहित्य
✍गुलजारांचे साहित्य - हर बात दिल से लगाओगे तो रोते रह जाओगे , इसलिए जो जैसा है ! उसके साथ वैसा ही बन कर रहो !! हर बात दिल से लगाओगे तो रोते रह जाओगे , इसलिए जो जैसा है ! उसके साथ वैसा ही बन कर रहो !! - ShareChat