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#✡️अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त⏰
✡️अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त⏰ - 10.32 " 4il %13 VE ' Praveen Pandey पुण्य कर्म अक्षय फल प्रदान करता है। नए कार्यों की शुरुआत और सोने की खरीदारी के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता 81 २०२६: तिथि और शुभ मुहूर्त तृतीया  384 3iR பT हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की तिथि का समय इस प्रकार हैः तृतीया तिथि का प्रारंभः १९ अप्रैल, २०२६ 346 10:49 तृतीया तिथि का समापनः २० अप्रैल , २०२६  07.27 पूजा का सबसे शुभ  १९ अप्रैल, २०२६ కఇగ 10.49 मुहूर्तः बजे से दोपहर 1 २२० बजे तक महत्व और पौराणिक कथा का दिन अबूझ मुहूर्त कहलाता है, जिसका अर्थ तृतीया  384 है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। इस दिन का सांस्कृतिक और धार्मिक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु अतुलनीय " महत्व के छठे अवतार, महर्षि परशुराम का जन्म हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ गंगा इसी दिन स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन से त्रेतायुग 1 सतयुग और का आरंभ हुआ था। वनवास के दौरान कृष्ण ने द्रौपदी को " अक्षय पात्र" दिया था, जिससे भगवान श्री भोजन कभी समाप्त नहीं होता था। ~ कमेंट लिखें.. 10.32 " 4il %13 VE ' Praveen Pandey पुण्य कर्म अक्षय फल प्रदान करता है। नए कार्यों की शुरुआत और सोने की खरीदारी के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता 81 २०२६: तिथि और शुभ मुहूर्त तृतीया  384 3iR பT हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की तिथि का समय इस प्रकार हैः तृतीया तिथि का प्रारंभः १९ अप्रैल, २०२६ 346 10:49 तृतीया तिथि का समापनः २० अप्रैल , २०२६  07.27 पूजा का सबसे शुभ  १९ अप्रैल, २०२६ కఇగ 10.49 मुहूर्तः बजे से दोपहर 1 २२० बजे तक महत्व और पौराणिक कथा का दिन अबूझ मुहूर्त कहलाता है, जिसका अर्थ तृतीया  384 है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। इस दिन का सांस्कृतिक और धार्मिक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु अतुलनीय " महत्व के छठे अवतार, महर्षि परशुराम का जन्म हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ गंगा इसी दिन स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन से त्रेतायुग 1 सतयुग और का आरंभ हुआ था। वनवास के दौरान कृष्ण ने द्रौपदी को " अक्षय पात्र" दिया था, जिससे भगवान श्री भोजन कभी समाप्त नहीं होता था। ~ कमेंट लिखें.. - ShareChat