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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - मिलने जो पहुँचा मैं दुश्मनों के घर  वहाँ अपने ही दोस्तों से मुलाक़ात हो गयी !! 4 मिलने जो पहुँचा मैं दुश्मनों के घर  वहाँ अपने ही दोस्तों से मुलाक़ात हो गयी !! 4 - ShareChat