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चारधाम के यात्रा में 2,3 घंटे का जाम अब बस 30 सेकंड में खत्म 😱 भरोसा नहीं हो रहा है ना मुझे भी नहीं हुआ था पहले ये देखो 👉🚨 रुद्रप्रयाग बाईपास टनल उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। - लंबाई: लगभग 900-910 मीटर - उद्देश्य: यह टनल केदारनाथ हाईवे (NH-107, पुराना NH-109, गौरीकुंड रोड) को बदरीनाथ हाईवे (NH-07, पुराना NH-58) से सीधे जोड़ती है, जिससे रुद्रप्रयाग शहर के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती। - अन्य तत्व: टनल के साथ अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा दो लेन का पुल और अप्रोच रोड भी शामिल हैं। - लागत: पूरे बाईपास प्रोजेक्ट (दूसरे चरण) के लिए लगभग 156-239 करोड़ रुपये। - स्थिति (2026 तक): टनल का निर्माण पूरा हो चुका है। 2024-2025 में इसे चारधाम यात्रा के लिए खोला गया था, जिससे यात्रियों को तत्काल फायदा हुआ। अब यह पूर्ण रूप से परिचालन में है। यह प्रोजेक्ट चारधाम महामार्ग विकास परियोजना का हिस्सा है, जो हिमालयी क्षेत्र में ट्रैफिक को सुधारने के लिए बनाया गया है। मुख्य फायदे - जाम से मुक्ति: रुद्रप्रयाग शहर (संगम क्षेत्र) में भारी ट्रैफिक जाम कम होता है। बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले वाहन शहर के अंदर नहीं घुसते, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों को राहत मिलती है। - यात्रा समय की बचत: चारधाम यात्रा (खासकर बद्रीनाथ-केदारनाथ रूट) तेज और आसान हो जाती है। पुरानी संकरी सड़कों और पुरानी छोटी सुरंग/बेलनी पुल की जगह नई व्यवस्था बेहतर कनेक्टिविटी देती है। - सुरक्षा बढ़ोतरी: हिमालयी क्षेत्र में घुमावदार और भीड़भाड़ वाली सड़कों से बचाव, खासकर मानसून और यात्रा सीजन में दुर्घटनाओं का खतरा कम। - पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: चारधाम तीर्थयात्रियों (लाखों की संख्या में) के लिए सुविधा बढ़ने से पर्यटन, होटल, दुकान आदि को फायदा। स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। - स्थानीय राहत: रुद्रप्रयाग और आसपास के इलाकों (चमोली सहित) के निवासियों को दैनिक आवागमन में सुविधा, भारी वाहनों का शहर पर बोझ कम। यह टनल चारधाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा होने से पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाती है। #उत्तराखंड #uttarakhand #🙏देवभूमि उत्तराखंड 🙏 #देवभूमि उत्तराखंड #देवभूमि उत्तराखंड(अपना उत्तराखंड)
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