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खबर हटके- मंदिर की 800 सीढ़ियों पर उल्टा चढ़ाया ट्रैक्टर #✍अजब-गजब वैज्ञानिक तथ्य👨‍🔬 #🥗किसान/फसल सम्बंधित जानकारी 👩‍🌾 #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #📢 ताजा खबर 📰 #🆕 ताजा अपडेट
✍अजब-गजब वैज्ञानिक तथ्य👨‍🔬 - मंदिर की ८०० सीढ़ियों दैनिळ पर उल्टा ट्रैक्टर चढ़ाया राजस्थान में एक मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों पर उल्टा ट्रैक्टर चढ़ाया गया। ये 800 ऑटोमोबाइल कंपनी ने किया है। टेस्ट एक AI जनरेटेड के सिरे मंदिर तक पहली बार ट्रैक्टर जालोर से सामान पहुंचाया गया। संतुलन और सुरक्षा I हुए गाड़ी ख ध्यान में रँखते रिवर्स गियर में का का ऊपर ल जाया गया। ट्रैक्टर की क्षमता जांचने के लिए दो बार टेस्ट पहला टेस्ट दूसरा टेस्ट ४ अप्रैल की ४ अप्रैल की शाम करीब 4 बजे ट्रैक्टर में दोपहर १२ बजे खाली ट्रैक्टर करीब १८०० किलो को पगलियां से वजन लादकर चढाई हनुमान मंदिर होते शुरू की गई, जिसे सफलतापूवक पूरा हुए ऊपर ल किया गया। जाया गया। সনযঠভ cs रिविर्स गियर में क्यों चढ़ाया ट्रैक्टर ड्राइवर गुलाब चंद माली ने बताया कि ट्रैक्टर के आगे के टायर छोटे होते हैं। इससे खड़ी चढाई और सीढ़ियों पर सीधा चलाने से टायर हवा में उठ जाते हैं। Al जनरटड डेढ़ घंटे का सफर ४५ मिनट में को तलहटी से श्रद्धालु  सामान्य तौर पर एक मंदिर तक ८०० सीढ़ियां चढ़ने में करीब १ ५ घंटे ट्रैक्टर से मात्र ४० से ४५ का समय लगता है। मिनट लगे। भारत का सबसे विश्वसनीय न्यूज ऐप GueglePley App Store इनस्टॉल करर दानिेक भास्कर और पाएं लोकल न्यूज मंदिर की ८०० सीढ़ियों दैनिळ पर उल्टा ट्रैक्टर चढ़ाया राजस्थान में एक मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों पर उल्टा ट्रैक्टर चढ़ाया गया। ये 800 ऑटोमोबाइल कंपनी ने किया है। टेस्ट एक AI जनरेटेड के सिरे मंदिर तक पहली बार ट्रैक्टर जालोर से सामान पहुंचाया गया। संतुलन और सुरक्षा I हुए गाड़ी ख ध्यान में रँखते रिवर्स गियर में का का ऊपर ल जाया गया। ट्रैक्टर की क्षमता जांचने के लिए दो बार टेस्ट पहला टेस्ट दूसरा टेस्ट ४ अप्रैल की ४ अप्रैल की शाम करीब 4 बजे ट्रैक्टर में दोपहर १२ बजे खाली ट्रैक्टर करीब १८०० किलो को पगलियां से वजन लादकर चढाई हनुमान मंदिर होते शुरू की गई, जिसे सफलतापूवक पूरा हुए ऊपर ल किया गया। जाया गया। সনযঠভ cs रिविर्स गियर में क्यों चढ़ाया ट्रैक्टर ड्राइवर गुलाब चंद माली ने बताया कि ट्रैक्टर के आगे के टायर छोटे होते हैं। इससे खड़ी चढाई और सीढ़ियों पर सीधा चलाने से टायर हवा में उठ जाते हैं। Al जनरटड डेढ़ घंटे का सफर ४५ मिनट में को तलहटी से श्रद्धालु  सामान्य तौर पर एक मंदिर तक ८०० सीढ़ियां चढ़ने में करीब १ ५ घंटे ट्रैक्टर से मात्र ४० से ४५ का समय लगता है। मिनट लगे। भारत का सबसे विश्वसनीय न्यूज ऐप GueglePley App Store इनस्टॉल करर दानिेक भास्कर और पाएं लोकल न्यूज - ShareChat