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#उज्जैन बाबा ज्योतिर्लिंग दर्शन 🙏 #🕉 महाकालेश्वर मंदिर🛕 #महाकाल की नगरी उज्जैन 🚩 #🙏जय महाकाल📿 #📝महाकाल भक्ति स्टेटस🙏
उज्जैन बाबा ज्योतिर्लिंग दर्शन 🙏 - श्री महाकालेश्वर ७ १४ मई २०२६, गुरुवार भस्म आरती श्रृंगार भस्म आरती का महत्व भस्म आरती में भगवान श्री महाकाल को की पचित्र भस्म से अभिषेक किया श्मशान जाता है। यह आरती जीवन की नश्चरता का बोध कराती ह तथा भक्ति और वैराग्य की भावना को जागृत करती है। मुख्य श्रृंगार आज बाबा महाकाल का भस्म आरती के पश्वात् अत्यंत मनोहर शरृंगार किया गया है। और भस्म से त्रिनेत्र स्वरूप 7737[ चदन चांदी के मुकुट अलंकरण किया गया तथा से बाबा को सुशोभित किया गया है। रंगीन पुष्प मालाओं से दिव्य श्रृंगार 531 ೯l రౌwd पुष्प एवं माला श्रृंगार गेंदा, ऑकिंड ঘুলালী; बाबा को मोगरा और कमल के पुष्प अर्पित किए गए है। सुगंधित ! पुष्प मालाओं से बाबा का स्वरूप अत्यंत आकर्फक एवं अलौकिक दिखाई दे रहा है वस्त्र एव अलकरण बाबा महाकाल को रंग-बिरंगे पारंपरिक किया गया है। चांदी का বলো ম सुशोभित | मुकुट रजत आभूषण एवं कपोले अलंकरण से बाबा का तेजस्वी स्वरुप और भी मनमोहक लग रहा है। भोग एवं प्रसाद आज बाबा को विविध प्रकार के मिष्षठान , , दूध, सूखे मेवे एवं पंचामृत अर्पित Ld; किए गए हैं। यह भोग भक्तों को और পমা ; जय श्री महाकाल समर्पण का प्रतीक है। भक्तों के लिए संदेश जो महाकाल का है, उसका कोई काल नहीं जो भी अद्ा भक्ति और विश्वास के साथ बाबा সনাকাল কা সম্স সলৌ স মস্সিলিল ঋনম उसके जीवन मे सुख शांति, समृद्धि ओर 35 & & Heled 36 ফলা 61 स्वास्थ्य 70 श्री महाकालेश्वर ७ १४ मई २०२६, गुरुवार भस्म आरती श्रृंगार भस्म आरती का महत्व भस्म आरती में भगवान श्री महाकाल को की पचित्र भस्म से अभिषेक किया श्मशान जाता है। यह आरती जीवन की नश्चरता का बोध कराती ह तथा भक्ति और वैराग्य की भावना को जागृत करती है। मुख्य श्रृंगार आज बाबा महाकाल का भस्म आरती के पश्वात् अत्यंत मनोहर शरृंगार किया गया है। और भस्म से त्रिनेत्र स्वरूप 7737[ चदन चांदी के मुकुट अलंकरण किया गया तथा से बाबा को सुशोभित किया गया है। रंगीन पुष्प मालाओं से दिव्य श्रृंगार 531 ೯l రౌwd पुष्प एवं माला श्रृंगार गेंदा, ऑकिंड ঘুলালী; बाबा को मोगरा और कमल के पुष्प अर्पित किए गए है। सुगंधित ! पुष्प मालाओं से बाबा का स्वरूप अत्यंत आकर्फक एवं अलौकिक दिखाई दे रहा है वस्त्र एव अलकरण बाबा महाकाल को रंग-बिरंगे पारंपरिक किया गया है। चांदी का বলো ম सुशोभित | मुकुट रजत आभूषण एवं कपोले अलंकरण से बाबा का तेजस्वी स्वरुप और भी मनमोहक लग रहा है। भोग एवं प्रसाद आज बाबा को विविध प्रकार के मिष्षठान , , दूध, सूखे मेवे एवं पंचामृत अर्पित Ld; किए गए हैं। यह भोग भक्तों को और পমা ; जय श्री महाकाल समर्पण का प्रतीक है। भक्तों के लिए संदेश जो महाकाल का है, उसका कोई काल नहीं जो भी अद्ा भक्ति और विश्वास के साथ बाबा সনাকাল কা সম্স সলৌ স মস্সিলিল ঋনম उसके जीवन मे सुख शांति, समृद्धि ओर 35 & & Heled 36 ফলা 61 स्वास्थ्य 70 - ShareChat