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#📖Whatsapp शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #👫 हमारी ज़िन्दगी #😃 शानदार स्टेटस
📖Whatsapp शायरी - मुझे लगता है मैं अच्छी नहीं हूं और ना ही मैं बुरी हूं॰ मैं इन दोनों श्रेणियों से अलग एक श्रेणी में आती हूं॰. मैं अजीब हूं.. मेरा हर काम करने का तरीका भी मेरी तरह अजीब होता है.. मैं रिश्ते निभाने में भी अजीब ढंग अपनाती हूं॰. और रिश्तों को बनाए रखने में भी॰॰ मैं हार कर भी हारती नही हूं और जीत कर भी जीतती नहीं हूं॰. अजीब है ना.. हार भी हार ना मानना और हार कर भी ना हारना दोनों बातों में कर समझने पर अंतर है.. लेकिन कुछ चीजें समझ के बाहर होती हैं.. कोशिश पर भी समझ नहीं आती हैं.. जैसे की मैं.. लेकिन लाख बगैर समझे भी शायद दिलचस्प हो सकती हैं.. खैर ये मेरे विचार हैं.. मैंने कहा ना.. मुझे लगता है!! शाहिदा मुझे लगता है मैं अच्छी नहीं हूं और ना ही मैं बुरी हूं॰ मैं इन दोनों श्रेणियों से अलग एक श्रेणी में आती हूं॰. मैं अजीब हूं.. मेरा हर काम करने का तरीका भी मेरी तरह अजीब होता है.. मैं रिश्ते निभाने में भी अजीब ढंग अपनाती हूं॰. और रिश्तों को बनाए रखने में भी॰॰ मैं हार कर भी हारती नही हूं और जीत कर भी जीतती नहीं हूं॰. अजीब है ना.. हार भी हार ना मानना और हार कर भी ना हारना दोनों बातों में कर समझने पर अंतर है.. लेकिन कुछ चीजें समझ के बाहर होती हैं.. कोशिश पर भी समझ नहीं आती हैं.. जैसे की मैं.. लेकिन लाख बगैर समझे भी शायद दिलचस्प हो सकती हैं.. खैर ये मेरे विचार हैं.. मैंने कहा ना.. मुझे लगता है!! शाहिदा - ShareChat