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#✝यीशु वचन
✝यीशु वचन - याकूब ने परमेश्वर से कुश्ती क्यों की? ওননি 32:22-32 वह रात याकूब की जिंदगी बदल गई. यह सिर्फ शरीर की लडाई नहीं थी, वह लगड़ाता हुआ गया , यह एक आतमिक संधर्ष , परिवर्तन पर आशीष लेकर लौटा! और परमेश्वर से मिलने का पल था! क्योंकि परमेश्वर उसकी क्येकि वह आशीष के लिए व्याकुल था पहचान बदलना चाहता था याकूब ने कहा, "যাকুব' কা সনলন तू मुझे সন নক धोखेबाज़ था, लेकिन সাহীণ ন ৫, परमेश्वर ने उसका नाम तुझे जाने नहीं दूँगा ! " बदलकर " इराएल " रखा - मतलब "जो परमेश्वर के संधर्ष करता है और ٦٢٢ कभी-कभी परमेश्वर हमें टूटने देता है, विजयी होता है!" ताकि हम सच में उसे पकड़ लें! परमेश्वर सिर्फ आशीष नहीं देता - बह हमें नया इंसान बनाता है। क्योंकि परमेश्वर अंधेरे में क्योंकि सच्ची जीत समर्पण में है काम करता है सब रात में हुआ - याकूब ने परमेश्वर को 46 हराया नहीं . সকলন হং সাং बल्कि उसने छोड़ना মঘঘ স! नहीं सीखा ! यही वो समय है जब पनिएल परमेश्वर ने उसकी जाँच छर्खू दी - दिल परमेश्वर BRY` और वह लंगड़ा हो गया! को बदलता है! याकब ने उस जगह का नाम रखा परमेश्वर के साथ जीत = "मैंने परमेश्वर को "पनिएल" বিথাম কা নননা अहंकार का टूटना आमने सामने देखा ! ' शायद तुम आज संधर्ष में हो॰ तुम टूट सकते हो... डर , पाप , या अनुत्तरित प्रार्थनाओं से जुूझ रहे हो... लेकिन परमेश्वर हार मत मानो ! परमेश्वर को पकड़े रहो ! तुम्हें नया बनाएगा ! क्योंकि अक्सर सबसे बड़ी आशीष , सबसे लंबी रात के बाद मिलती है! याकूब ने परमेश्वर से कुश्ती क्यों की? ওননি 32:22-32 वह रात याकूब की जिंदगी बदल गई. यह सिर्फ शरीर की लडाई नहीं थी, वह लगड़ाता हुआ गया , यह एक आतमिक संधर्ष , परिवर्तन पर आशीष लेकर लौटा! और परमेश्वर से मिलने का पल था! क्योंकि परमेश्वर उसकी क्येकि वह आशीष के लिए व्याकुल था पहचान बदलना चाहता था याकूब ने कहा, "যাকুব' কা সনলন तू मुझे সন নক धोखेबाज़ था, लेकिन সাহীণ ন ৫, परमेश्वर ने उसका नाम तुझे जाने नहीं दूँगा ! " बदलकर " इराएल " रखा - मतलब "जो परमेश्वर के संधर्ष करता है और ٦٢٢ कभी-कभी परमेश्वर हमें टूटने देता है, विजयी होता है!" ताकि हम सच में उसे पकड़ लें! परमेश्वर सिर्फ आशीष नहीं देता - बह हमें नया इंसान बनाता है। क्योंकि परमेश्वर अंधेरे में क्योंकि सच्ची जीत समर्पण में है काम करता है सब रात में हुआ - याकूब ने परमेश्वर को 46 हराया नहीं . সকলন হং সাং बल्कि उसने छोड़ना মঘঘ স! नहीं सीखा ! यही वो समय है जब पनिएल परमेश्वर ने उसकी जाँच छर्खू दी - दिल परमेश्वर BRY` और वह लंगड़ा हो गया! को बदलता है! याकब ने उस जगह का नाम रखा परमेश्वर के साथ जीत = "मैंने परमेश्वर को "पनिएल" বিথাম কা নননা अहंकार का टूटना आमने सामने देखा ! ' शायद तुम आज संधर्ष में हो॰ तुम टूट सकते हो... डर , पाप , या अनुत्तरित प्रार्थनाओं से जुूझ रहे हो... लेकिन परमेश्वर हार मत मानो ! परमेश्वर को पकड़े रहो ! तुम्हें नया बनाएगा ! क्योंकि अक्सर सबसे बड़ी आशीष , सबसे लंबी रात के बाद मिलती है! - ShareChat