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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
📝कविता / शायरी/ चारोळी - জীনন वो दुश्मन बन कर ತಞ निकले थे मोहोब्बत कर लेते , में खुद ही हार जाता !! गुलज़ार 270 জীনন वो दुश्मन बन कर ತಞ निकले थे मोहोब्बत कर लेते , में खुद ही हार जाता !! गुलज़ार 270 - ShareChat