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#रक्तदान #👉🏻 रक्तदान के फायदे 🛑 #रक्तदान #जागतिक रक्तदान दिन 🌏🫁🫀🌏
रक्तदान - कॉलेज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर फर्रुखनगर , २३ अप्रैल ( ब्यूरो) : { [ खैंयवासस्थित द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मानवता और सेवा की भावना के साथ एक विशाल स्वैच्छिक शिविर সামাতন ানান 1 ஈ किया गया कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा  भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी , गुरुग्राम के হাঁস संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस  शिविर में छात्रों और शिक्षकों का भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे दिन चले इस अभियान के चौ दौरान कुल ५० 12 137 ` रक्तदान करते हुए छात्र । 141 यूनिट  11 T रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाया प्रिंसिपल डॉ॰ ईशा Tক্ষনসিন जो যমা স मल्होत्रा ने कहा, &quotरक्त का कोई विकल्प नहीं  आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद 10 हैं और यह केवल मानव द्वारा ही दियाजा सकता है। आ मरीजों के काम आएगा হািনি एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रत्येक 3 से 4 महीने में रक्तदान जित की शुरुआत सुबह 10.00 న क्रि॰ अवश्य करना चाहिए। इस दौरान डॉ. हंसराज रजिस्ट्रार  विधिवत रूप से की गई। इस द्रोणाचार्य कॉलेज ने व्यवस्थाओं का नेतृत्व किया। अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल जा डॉ॰ अनुपम दलाल डॉ॰ वैशाली दीक्षित और डॉ॰ दिशा के तिए गर काल : पतः सढ़े  16 डॉ. ईशा मल्होत्रा मुख्य अतिथिके हर वारह बने तक। परव दिवस तया अशोक  कुमार ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।  f में उपस्थित रहीं। रूप दुर्गाष्टमी  কলাসবা নমলী| प्रोफेसर पूजा शर्मा और प्रो॰ संज्योति ने विद्यार्थियों को उन्होंने स्वयं दीप प्रच्चलित कर  20 गरि नद शाडिल्य ज्योतिप रिस्च  प्रेरित कर पंजीकरण कार्य में सहयोग किया।  अत कार्यक्रम की शुरुआत की और  १८१, पोता सिंह नगर, जालंधर।  कॉलेज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर फर्रुखनगर , २३ अप्रैल ( ब्यूरो) : { [ खैंयवासस्थित द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मानवता और सेवा की भावना के साथ एक विशाल स्वैच्छिक शिविर সামাতন ানান 1 ஈ किया गया कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा  भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी , गुरुग्राम के হাঁস संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस  शिविर में छात्रों और शिक्षकों का भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे दिन चले इस अभियान के चौ दौरान कुल ५० 12 137 ` रक्तदान करते हुए छात्र । 141 यूनिट  11 T रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाया प्रिंसिपल डॉ॰ ईशा Tক্ষনসিন जो যমা স मल्होत्रा ने कहा, &quotरक्त का कोई विकल्प नहीं  आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद 10 हैं और यह केवल मानव द्वारा ही दियाजा सकता है। आ मरीजों के काम आएगा হািনি एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रत्येक 3 से 4 महीने में रक्तदान जित की शुरुआत सुबह 10.00 న क्रि॰ अवश्य करना चाहिए। इस दौरान डॉ. हंसराज रजिस्ट्रार  विधिवत रूप से की गई। इस द्रोणाचार्य कॉलेज ने व्यवस्थाओं का नेतृत्व किया। अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल जा डॉ॰ अनुपम दलाल डॉ॰ वैशाली दीक्षित और डॉ॰ दिशा के तिए गर काल : पतः सढ़े  16 डॉ. ईशा मल्होत्रा मुख्य अतिथिके हर वारह बने तक। परव दिवस तया अशोक  कुमार ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।  f में उपस्थित रहीं। रूप दुर्गाष्टमी  কলাসবা নমলী| प्रोफेसर पूजा शर्मा और प्रो॰ संज्योति ने विद्यार्थियों को उन्होंने स्वयं दीप प्रच्चलित कर  20 गरि नद शाडिल्य ज्योतिप रिस्च  प्रेरित कर पंजीकरण कार्य में सहयोग किया।  अत कार्यक्रम की शुरुआत की और  १८१, पोता सिंह नगर, जालंधर। - ShareChat