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#🌟જીવનમાં ખુશ કેવી રીતે થવું❓ #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱 #🙋‍♂️ મારા પ્રેરણાસ્ત્રોત
🌟જીવનમાં ખુશ કેવી રીતે થવું❓ - डॉ. भीमराव अंबेडकर इतने शिक्षित और योग्य थे कि वे चाहते तो विदेशों में सम्मान और सुविधाओं के साथ সপনা তীবন নিনা সব্ধন থ| लेकिन उन्होंने अपने समाज और देश के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। वीर शहीद भगत सिंह भी चाहते तो एक सामान्य और सुरक्षित जीवन जी सकते थे, लेकिन उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मैं देश के लोगों , विशेषकर 4 ٤ अनुरोध युवाओं करता कि वे उन लोगों का साथ अवश्य दें जो जनता के अधिकारों , बेहतर भविष्य रहे हैं লিব और देश के उज्ज्वल कल के आवाज़ उठा लिए तथा सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष कर रहे हैं। बाबा साहेब अंबेडकर का संदेश है- शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। डॉ. भीमराव अंबेडकर इतने शिक्षित और योग्य थे कि वे चाहते तो विदेशों में सम्मान और सुविधाओं के साथ সপনা তীবন নিনা সব্ধন থ| लेकिन उन्होंने अपने समाज और देश के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। वीर शहीद भगत सिंह भी चाहते तो एक सामान्य और सुरक्षित जीवन जी सकते थे, लेकिन उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मैं देश के लोगों , विशेषकर 4 ٤ अनुरोध युवाओं करता कि वे उन लोगों का साथ अवश्य दें जो जनता के अधिकारों , बेहतर भविष्य रहे हैं লিব और देश के उज्ज्वल कल के आवाज़ उठा लिए तथा सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष कर रहे हैं। बाबा साहेब अंबेडकर का संदेश है- शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। - ShareChat