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#जिवन की सच्चाई #kuch alfaaz kuch jazbaat #❤️जीवन की सीख #जिंदगी की हकीकत #🌸 सत्य वचन
जिवन की सच्चाई - किसी ने कहा  "ज़्यादा आज़ादी मिल जाए॰ तो लोग बिगड़ जाते हे। मैंने मुस्कुरा दीया। आज़ादी किसी को बिगाड़ती ह 3 न बंदिशें किसी को सँवारती ह। ओरत की पहचान तो उसके चिचारं म हीनी ह न खुले आसमान से घटती हे न ऊँची दीवारों से बढ़ती ह। जिसके भीतर संस्कार हों॰चो उड़कर भी ज़मीन से जुड़ी रहती है और जिसके मन में भटकाव हो 4#ளிஅஎரளி8 आख़िर चरित्र का रिश्ता परिंदों के पंखों से नहीं इरादों की दिशा से होता हे। किसी ने कहा  "ज़्यादा आज़ादी मिल जाए॰ तो लोग बिगड़ जाते हे। मैंने मुस्कुरा दीया। आज़ादी किसी को बिगाड़ती ह 3 न बंदिशें किसी को सँवारती ह। ओरत की पहचान तो उसके चिचारं म हीनी ह न खुले आसमान से घटती हे न ऊँची दीवारों से बढ़ती ह। जिसके भीतर संस्कार हों॰चो उड़कर भी ज़मीन से जुड़ी रहती है और जिसके मन में भटकाव हो 4#ளிஅஎரளி8 आख़िर चरित्र का रिश्ता परिंदों के पंखों से नहीं इरादों की दिशा से होता हे। - ShareChat