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#🙏গৌতম বুদ্ধের বাণী 🙏
🙏গৌতম বুদ্ধের বাণী 🙏 - 9:50 ( 56+ जैसे दर्पण में चेहरा दिखाई देता है, लेकिन वह सच में दर्पण के अंदर मौजूद नहीं होता। वह सिर्फ एक प्रतिबिंब होता है। उसी तरह "मैं॰ भी है। हम "मैं " कहते हैं, महसूस करते हैं, लेकिन यह मन और शरीर पर निर्भर है। परन्तु चेहरे की छवि की तरह "मै" अपने आप में वास्तविकता के रूप में विद्यमान नहीं है। Gautamn Buddns ~नमो बुद्धाय 9:50 ( 56+ जैसे दर्पण में चेहरा दिखाई देता है, लेकिन वह सच में दर्पण के अंदर मौजूद नहीं होता। वह सिर्फ एक प्रतिबिंब होता है। उसी तरह "मैं॰ भी है। हम "मैं " कहते हैं, महसूस करते हैं, लेकिन यह मन और शरीर पर निर्भर है। परन्तु चेहरे की छवि की तरह "मै" अपने आप में वास्तविकता के रूप में विद्यमान नहीं है। Gautamn Buddns ~नमो बुद्धाय - ShareChat