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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - ये मस्त उम्र फिर नहीं आने वाली दोस्तों को समर्पित जव शने शने उम्र बढ जायेगी ईत्र की जगह आयोडेक्स की खुश्वू आयेगी ! कहता हूं अब भी मिल लिया करो, ये घड़ियां पलटकर नही आयेगी ! अभी तो आंखो र्मे नूर हे बाकी  फिर खूबसूरती नजर नहीं आयेगी! अभी तो यार हे चलते अपने साथ फिर केवल छड़ी ही नजरआयेगी ! आवाज टोस्तों की सुन लो फिर कार्नों र्मे मशीन नजर आयेगी ! हंसलो खिल खिलाकर आज फिर नकली वत्तीसी ही झलक दिखलायेगी ! चले आओ फिर जव दोस्त बुलायें डाक्टरों से फुर्सत न मिल पायेगी ! समझ जाओ यारो समझ जाओ ये मस्त उम्र फिर नहीं आने वाली! ये मस्त उम्र फिर नहीं आने वाली दोस्तों को समर्पित जव शने शने उम्र बढ जायेगी ईत्र की जगह आयोडेक्स की खुश्वू आयेगी ! कहता हूं अब भी मिल लिया करो, ये घड़ियां पलटकर नही आयेगी ! अभी तो आंखो र्मे नूर हे बाकी  फिर खूबसूरती नजर नहीं आयेगी! अभी तो यार हे चलते अपने साथ फिर केवल छड़ी ही नजरआयेगी ! आवाज टोस्तों की सुन लो फिर कार्नों र्मे मशीन नजर आयेगी ! हंसलो खिल खिलाकर आज फिर नकली वत्तीसी ही झलक दिखलायेगी ! चले आओ फिर जव दोस्त बुलायें डाक्टरों से फुर्सत न मिल पायेगी ! समझ जाओ यारो समझ जाओ ये मस्त उम्र फिर नहीं आने वाली! - ShareChat