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#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - unknovnuior तूने मुझे गुस्से वाला बनाया, माना बाबा मगर दिल ऐसा दिया की किसी का बुरा नहीं चाहा ! unknovnuior तूने मुझे गुस्से वाला बनाया, माना बाबा मगर दिल ऐसा दिया की किसी का बुरा नहीं चाहा ! - ShareChat