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#🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻गुरबानी #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🤗जया किशोरी जी🕉️ - 28 218 ೧೧ प्रेमानंद महाराज जी के ठअनमोल विचार अहंकार छोड़ते ही 1 ईश्वर के लिए हृदय में स्थान बन जाता है सच्ची भक्ति 2 लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण के लिए होती है। प्रेमानंद जी महाशज ஈஎகிஎனி खुशी 3 बाहर की वस्तुओं में नहीं, शधु शंधे बल्कि भीतर की संतुष्टि में है। 28 218 ೧೧ प्रेमानंद महाराज जी के ठअनमोल विचार अहंकार छोड़ते ही 1 ईश्वर के लिए हृदय में स्थान बन जाता है सच्ची भक्ति 2 लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण के लिए होती है। प्रेमानंद जी महाशज ஈஎகிஎனி खुशी 3 बाहर की वस्तुओं में नहीं, शधु शंधे बल्कि भीतर की संतुष्टि में है। - ShareChat