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#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - 0 कली खोढा जग आंधरा शब्द न माने कोय | चाहे कहूँ सत आईना, जो जग बैरी होय Il संत कबीर दास 0 कली खोढा जग आंधरा शब्द न माने कोय | चाहे कहूँ सत आईना, जो जग बैरी होय Il संत कबीर दास - ShareChat